Corona In Delhi : नए संक्रमित मिलने के साथ बढ़ रहे हैं पोस्ट कोविड मरीज, वायरल के कारण हुआ इजाफा

 राजधानी में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ पोस्ट कोविड मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ज्यादातर मरीज ठीक होने के बाद बुखार, शरीर में दर्द से परेशान हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि मामले बढ़ने के बाद भी मृत्युदर स्थिर बनी हुई है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. पुलिन कुमार गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ वायरल के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें जांच के दौरान ज्यादातर मरीज कोरोना के निकल रहे हैं। टीकाकरण के बाद से कोरोना संक्रमित जरूर बढ़े हैं, लेकिन गंभीर स्थिति नहीं है। लोग संक्रमित होने के 5-6 दिन में ठीक हो रहे हैं। हालांकि, इस बार देखने को मिल रहा है कि कोरोना से ठीक होने के 4-5 दिन बाद फिर से बुखार, शरीर में दर्द जैसी शिकायतों के साथ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनकी संख्या भी काफी अधिक है।

आकाश हेल्थकेयर में पल्मोनोलॉजी के विभाग प्रमुख डॉ. अक्षय बुद्धिराजा ने कहा कि मौसम में बदलाव व कोरोना के नए रूपों के कारण अचानक मामले बढ़ने लगे हैं। हालांकि, मरीजों में लक्षण वही हैं जो हमने पहले देखे थे। इस बार मामलों की संख्या बढ़ी है। लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि इस बार सामने आ रहे कोविड मरीजों में गंभीर रोगियों की संख्या कम है। उन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है, जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी सहित अन्य की समस्या ज्यादा है।

कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं : कोरोना के मामलों के बावजूद लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। दिल्ली के अधिकतर बाजारों, मॉल, दुकानों सहित अन्य जगहों पर लोग बिना मास्क के घूम रहे हैं।

लक्षण के बाद भी जांच नहीं करवा रहे मरीज 

कोरोना के लक्षण होने के बाद भी बड़ी संख्या में मरीज कोविड की जांच नहीं करवा रहे हैं। प्रोफेसर डॉ. पुलिन कुमार गुप्ता ने बताया कि कोरोना लक्षणों के साथ अस्पताल आने वाले करीब आधे मरीज जांच नहीं करवा रहे हैं। कुछ लोग एंटीजन किट से जांच कर रहे हैं, जिसकी सूचना नहीं मिल पाती। यदि सभी मरीज जांच करवाएं तो संक्रमण का आंकड़ा बढ़ सकता है।

वायरस बदल रहा स्वरूप

डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। यहां आए सभी मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग की जा रही है। उम्मीद है कि अगले सप्ताह इनकी रिपोर्ट आ जाएगी। अभी तक जांच रिपोर्ट में ज्यादातर मरीजों में ओमिक्रॉन स्वरूप पाया गया है। कोरोना अपना रूप बदल रहा है और आने वाले दिनों में भी इसमें बदलाव हो सकता है।

व्यापारियों को सताने लगा प्रतिबंध का डर 

दिल्ली में बढ़ रही कोरोना संक्रमण दर से व्यापारी भी चिंतित हैं। चैंबर ऑफ  ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) अध्यक्ष व दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को पत्र लिखकर सख्त फैसला नहीं लेने की गुहार लगाई है। व्यापारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण पिछले दो साल से व्यापार पूरी तरह से ठप था। त्योहारी सीजन में धीरे-धीरे व्यापार पटरी पर लौट रहा है। यदि फिर पाबंदी लगी तो व्यापारी पूरी तरह से टूट जाएंगे। आने वाले दिनों में रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली आदि त्योहार हैं, जिनसे व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।

सलाह से लें दवा

एम्स के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉ. नीरज निश्चल ने कहा कि यदि किसी मरीज में खांसी, थकावट, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, सीने में दर्द व अन्य समस्याएं देखने को मिले तो डॉक्टर की सलाह के बिना दवा नहीं लेनी चाहिए।

पोस्ट कोविड मरीजों में उनकी स्थिति के आधार पर लक्षण देखने को मिलते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि किसी कोरोना से ठीक हुए मरीजों को ये लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

13.84 फीसदी संक्रमण दर, 2311 नए केस मिले

राजधानी में बढ़ते कोरोना के मामलों के साथ संक्रमण दर बढ़कर 13.84 फीसदी हो गई है। वहीं, मौत भी लगातार हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटे में 2311 नए मामले सामने आए और 1837 मरीज स्वस्थ हुए, जबकि एक रोगी की मौत हो गई। 2311 नमूनों की जांच हुई, जिनमें 13.84 संक्रमित मिले। फिलहाल 7349 सक्रिय केस हैं। इनमें से घरों में 4586 व अस्पताल में 452 मरीज उपचार करा रहे हैं। हॉटस्पॉट की संख्या बढ़कर 217 हो गई है।

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