मंकी पॉक्स नहीं त्वचा के संक्रमण से पीड़ित था बच्चा

शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मंकीपॉक्स वार्ड में भर्ती कांट थाना क्षेत्र के गांव सरथौली निवासी पांच वर्षीय बच्चे में मंकीपॉक्स के लक्षण नहीं मिले हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊषा चंद्रा ने परीक्षण किया तो बालक में त्वचा का संक्रमण होने की पुष्टि हुई है।

तीन दिन से बुखार और पीठ में सफेद रंग के दाने निकलने पर बच्चे को परिजन राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। डॉक्टर ने उसका परीक्षण किया और मंकीपॉक्स का संदिग्ध मरीज मानते हुए उसे भर्ती कर लिया था। प्राचार्य के निर्देश पर त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊषा चंद्रा ने बच्चे की जांच की। उसके दानों का अध्ययन करने के बाद बच्चे में त्वचा का संक्रमण पाया। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। मंकीपॉक्स या चिकनपॉक्स के दानों में अंतर होता है। बालक को त्वचा का संक्रमण होने के कारण शरीर पर दाने निकल आए हैं। उसे एक-दो दिन में छुट्टी दे दी जाएगी।

संक्रमण की पुष्टि के बाद जांच को नहीं भेजा सैंपल

अस्पताल में भर्ती बच्चे को मंकीपॉक्स संभावित लक्षण होने के कारण उसका सैंपल पुणे भेजने की तैयारी थी। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि त्वचा रोग विशेषज्ञ की जांच में स्किन बैक्टीरिया की पुष्टि होने के बाद बच्चे का सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा गया है।

डिप्थीरिया संभावित लक्षण वाली बच्ची को दी छुट्टी

कलान, खुटार और मदनापुर के एक-एक बच्चे में डिप्थीरिया संभावित लक्षण मिले थे। उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज के डिप्थीरिया वार्ड में भर्ती कराया गया था। इसमें कलान के वजीदापुर निवासी सुखरीत की मौत हो गई थी। खुटार के तत्सव मिश्रा की हालत में सुधार होने पर उसे छुट्टी दे दी गई थी। जबकि, मदनापुर की शालिनी भी स्वस्थ हो गई। उसे भी छुट्टी दे दी गई।

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