‘नई शिक्षा नीति से बच्चों का होगा मानसिक और बौद्धिक विकास’

प्रेसवार्ता में बोले आरएसएस के प्रचारक शिव कुमार

सनातन धर्म बालिका कॉलेज में हुआ आयोजन
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक के प्रचारक शिव कुमार ने कहा कि 1986 की शिक्षा नीति के बाद तमाम परिवर्तन आ गए। इसलिए शिक्षा नीति पर पुर्नविचार बेहद जरूरी था। इसलिए नई शिक्षा नीति लागू की गई। इसका उद्देश्य नर्सरी से ही बच्चों का बौद्धिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास करना है। इसके लिए तीन साल में दो लाख से अधिक देश भर के शिक्षकों ने सुझाव दिए, जिसके बाद 100 टीमों ने इस पर अध्ययन किया। तब जाकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति जारी की गई।
उन्होंने बताया कि इसके लिए विद्या भारती के स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है कि बच्चों को किस तरह पढ़ाया जाए कि उनका मन मस्तिष्क पर बोझ कम पड़े और वह बेहतर नागरिक बन सके। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति में प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों की देखरेख और शिक्षा पर ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत शिशु मंदिर की शिक्षिकाओं को 15 मई से 19 मई तक एक प्रशिक्षण दिया जाएगा कि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पहले के दो साल बिना कॉपी किताब के उनका मानसिक विकास किया जाए और उसके बाद चित्र के माध्यम से पढ़ना सिखाया जाए। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति राष्ट्र केंद्रित शिक्षा है। आरएसएस के राजेंद्र बाबू प्रधानाचार्य शिप्रा बाजपेई, शेषधर द्विवेदी, मुनेंद्र दत्त शुक्ल आदि मौजूद रहे।

Source link

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *