गेहूं के दाम घटे, लेकिन आटे अब भी महंगा

पिछले दस दिनों के अंदर दो रुपया प्रति किलोग्राम बढ़ा था आटे का भाव

दुकानदार बोले, आटे के भाव बढ़ने का कारण डीजल के दामों में बढ़ोतरी भी
लखीमपुर खीरी। गेहूं के निर्यात पर रोक लगने से भले ही गेहूं के मूल्यों में गिरावट आई हो, लेकिन आटे के भाव में अब भी उछाल जारी है। पिछले दस दिनों में आटे के भाव में दो रुपये का उछाल आया है। हालांकि दुकानदारों ने आने वाले दो-तीन दिन के अंदर आटे के मूल्य में मामूली गिरावट आने की संभावना जताई है।
दस दिन पहले तक ब्रांडेड आटे का मूल्य 360 रुपये प्रति दस किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 380 रुपये प्रति दस किलोग्राम हो गया है, जबकि साधारण चक्की के आटे का मूल्य 280 रुपये प्रति 10 किलोग्राम था, जो अब बढ़कर 300 रुपया प्रति 10 किलोग्राम हो गया है। पिछले 10 दिनों के अंदर आटे के भाव में 20 रुपये प्रति दस किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह आटे का मूल्य मात्र दो रुपया प्रति किलो के हिसाब से वृद्घि दर्ज की गई है।
उधर, गेहूं के निर्यात पर रोक लगने के बाद एक ही दिन में गेहूं के मूल्य में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई है। गेहूं के मूल्य में और गिरावट आने की संभावना जताई जा रही है। यदि गेहूं के मूल्य में और गिरावट आई तो आटे के भाव में और गिरावट आ सकती है। दुकानदारों का यह भी कहना है कि आटे के मूल्य में बढ़ोतरी के पीछे केवल गेहूं का मूल्य बढ़ना ही नहीं था। साथ ही डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी के कारण भाड़ा बढ़ना भी था। अन्य चीजों पर महंगाई का जो असर है वह आटे पर भी पड़ा है। यदि गेहूं के मूल्यों में और गिरावट आती है तभी आटे के मूल्य में कमी होने की संभावना है। अन्यथा की स्थिति में आटे का मूल्य यथावत रहेगा।
ग्रोसरी की दुकान चलाने वाले अंकुश गुप्ता का कहना है कि सभी खाद्य सामग्री के मूल्यों में पिछले दिनों बढ़ोत्तरी हुई है। आटा और चावल के भी मूल्य बढ़े हैं। गेहूं के मूल्य में गिरावट से आटे के मूल्य में कमी आने की संभावना कम है लेकिन आने वाले कुछ दिनों तक आटे के मूल्य में स्थिरता बनी रहने की संभावना है।

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