गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने पत्रकारों को दी गाली- ‘दिमाग खराब है, शर्म नहीं आती’, दिल्ली तलब

लखीमपुर हिंसा मामले में बेटे आशीष मिश्रा को फंसते देख पत्रकारों के सवाल पर बौखलाए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने मीडियाकर्मियों पर गुस्सा निकालते हुए उन्हें अपशब्द बोला है.

लखीमपुर हिंसा मामले में बेटे आशीष मिश्रा मोनू पर हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट लगने के बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने अपना आपा खो दिया है. तिकुनिया हिंसा मामले में बेटे आशीष मिश्रा को फंसते देख पत्रकारों के सवाल पर बौखलाए अजय मिश्रा टेनी ने मीडियाकर्मियों पर गुस्सा निकालते हुए उन्हें अपशब्द बोला है. इस बीच अजय मिश्रा का दिल्ली तलब कर लिया गया है. बताया जा रहा कि वे शाम 5.35 बजे की फ्लाइट से दिल्ली रवाना होंगे. 

लखीमपुर के ओयल में मदर चाइल्ड केयर के ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने पहुंचे केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी से जब बेटे आशीष मिश्रा पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यही सा#& जो मीडिया वाले हैं ना, एक निर्दोष आदमी को फंसाया है, शर्म नहीं आती है कितने गंदे लोग हैं.. हॉस्पिटल है, सब है, यह नहीं दिखाई देता है.

मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकार पर हाथ उठाने की कोशिश की

बुधवार को जब पत्रकारों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी से एसआईटी रिपोर्ट से सवाल पूछा तो वह भड़क गए. उन्होंने कहा, ‘जाकर एसआईटी से पूछो, ये तो तुम्हारे मीडिया वाले हैं न, इन्हीं सा#& ने एक निर्दोष आदमी को फंसाया है, शर्म नहीं आती है, कितने गंदे लोग हैं, क्या जानना चाहते हो..एसआईटी से पूछो

जो वीडियो सामने आया है, उसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकार पर हाथ उठाने की भी कोशिश की, लेकिन साथ में खड़े लोगों ने रोक लिया. इसके बाद फिर अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकारों को गाली दी.

लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत सभी 13 आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जांच अधिकारी की अर्जी पर कोर्ट ने मंगलवार को सभी आरोपियों पर हत्या गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से गाड़ी चलाने की धारा को हटाकर एक राय होकर हत्या का प्रयास और लाइसेंस असलहे के दुरुपयोग की धारा को मंजूरी दे दी है

आशीष समेत सभी आरोपियों पर धारा 307 भी लगी

मामले की जांच कर रहे एसआईटी के इंस्पेक्टर विद्या राम दिवाकर ने अपनी जांच में लापरवाही से गाड़ी चलाने की धारा 279, गंभीर चोट पहुंचाने की धारा 338 और गैर इरादतन हत्या की धारा 304A को खारिज कर आरोपीयों पर हत्या का प्रयास 307, खतरनाक हथियारों से लैस होकर चोट करने की धारा 326, एक प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम देने की धारा 34, और लाइसेंसी असलहा के दुरुपयोग की धारा 3/ 25 / 30 आर्म्स एक्ट को शामिल करने की कोर्ट में अर्जी डाली थी. सीजेएम ने सुनवाई के बाद इन नई धाराओं को मंजूर करते हुए सभी आरोपियों का वारंट बनाया है.

आशीष मिश्रा की बढ़ेंगी मुश्किलें

एसआईटी के जांच अधिकारी ने जिस तरह से हत्या के प्रयास और एक राय होकर घटना को अंजाम देने जैसी धाराओं को कोर्ट में अर्जी देकर बढ़ाया है, इससे यह जरूर कहा जा सकता है कि लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करने वाली है और पुलिस अपनी इस चार्जशीट में आशीष मिश्रा उसके दोस्त अंकित दास व अन्य आरोपियों पर साजिश के तहत हत्या और लाइसेंसी असलहे के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराओं को शामिल कर सकती है

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