आधे घंटे खाली बैठे रहे, फिर हर तीन सेकेंड में हल किया सवाल

बरेली। दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा में धांधली करने वाले चारों अभ्यर्थियों ने होशियारी तो काफी दिखाई लेकिन उनके प्रश्नों को हल करने के समय अंतराल की जांच की गई तो उनका खेल पकड़ में आ गया। पेपर मिलने के बाद चारों ने आधे घंटे तक एक भी प्रश्न हल नहीं किया लेकिन इसके बाद हर एक प्रश्न का उत्तर देने में बमुश्किल ढाई-तीन सेकेंड का ही समय लगाया। इसी वजह से धांधली की पुष्टि हो सकी।

पुलिस के मुताबिक दरोगा और उसके समकक्ष पदों के लिए 12 नवंबर से दो दिसंबर 2021 तक प्रदेश भर में विभिन्न केंद्रों पर ऑनलाइन लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 36170 अभ्यर्थी चयनित हुए जिनकी आठ जिलों में अभिलेखों की जांच और शारीरिक दक्षता परीक्षा चल रही है। परीक्षा के बाद सभी अभ्यर्थियों के उत्तरों की जांच के साथ उनके रेस्पांस टाइम की भी जांच की गई थी।

इसी जांच में पता चला कि फुरकान अली, सिपाही चंद्रकिरन, प्रवीन कुमार और मोहम्मद मोहसिन समेत चारों अभ्यर्थियों ने पेपर मिलने के बाद बाद आधे घंटे तक एक भी प्रश्न हल नहीं किया लेकिन इसके बाद उन्होंने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि किसी भी सवाल को हल करने में ढाई-तीन सेकेंड से ज्यादा समय नहीं लगाया।

160 सवालों में 130 से ज्यादा के दिए जवाब

दरोगा भर्ती परीक्षा में 160 सवाल आए थे और प्रत्येक के लिए ढाई अंक निर्धारित था। इसमें फुरकान ने 139, प्रवीन ने 131, चंद्रकिरन ने 132 और मोहसिन ने 138 सवालों को सही हल किया। इन चारों को 80 फीसदी से ज्यादा अंक मिले। पेपर में हिंदी, गणित, सामान्य ज्ञान और रीजनिंग के 40-40 प्रश्न थे। किसी भी सवाल को हल करने में उन्हें ढाई-तीन सेकेंड से ज्यादा समय नहीं लगा। इसी वजह से इन सभी पर शक बढ़ा। पुलिस के मुताबिक इस परीक्षा में सफल होने के लिए अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 98, अनुसूचित जाति अभ्यर्थियों को 104, पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को 117 और सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 122 सवाल हल की अनिवार्यता लागू की गई थी।

पेट एग्जाम में 18 नंबर, दरोगा के लिए 327

मेरठ में परीक्षा देने वाला प्रवीन पुलिस भर्ती के लिए पिछले साल पेट (पीईटी) एग्जाम दे चुका है। सौ नंबर की इस परीक्षा में उसे सिर्फ 18 अंक मिले थे। इस बार जब उसने दरोगा की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा दी तो 400 में 327 अंक मिले। इस बारे में अफसरों ने जब उससे सवाल किया तो वह कोई जवाब नहीं दे सका।

2018 बैच का सिपाही है आरोपी चंद्रकिरन

मेरठ में परीक्षा देने वाला चंद्रकिरन 2018 बैच का सिपाही है और इन दिनों अलीगढ़ पुलिस लाइन में तैनात है। परीक्षा में धांधली करने की वजह से वह पकड़ा गया और उसे जेल जाना पड़ा। उसकी धांधली पकड़े जाने के बाद अलीगढ़ पुलिस को भी इस बारे में सूचना भेज दी गई है।

आशंका : सॉल्वरों को आईपी एड्रेस भेजकर हल कराए गए प्रश्न पत्र

बरेली। पुलिस के मुताबिक परीक्षा केंद्र की व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदारों की मदद के बगैर परीक्षा में धांधली होना मुमकिन नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं की मिलीभगत से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर के आईपी एड्रेस बाहर भेजे गए और फिर बाहर बैठे सॉल्वरों ने नेटवर्किंग के जरिये उनके पेपर हल कर दिए।

इसी वजह से चारों अभ्यर्थियों के साथ आगरा और मेरठ के परीक्षा केंद्रों के प्रबंधक, व्यवस्थापक और संचालकों को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि इनमें से कोई भी अभी पुलिस के हाथ नहीं आया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा जा रहा है कि इन अभ्यर्थियों के कंप्यूटर के आईपी एड्रेस बाहर भेजने में करीब आधा घंटे का समय लगा। यही कारण रहा होगा कि शुरुआती आधे घंटे में चारों अभ्यर्थियों में से किसी ने कोई सवाल हल नहीं किया। जैसे ही उनके कंप्यूटरों के आईपी एड्रेस बाहर पहुंचे, सवाल फटाफट हल होने शुरू हो गए। जांच के दौरान एजेंसी ने इस मामले में कुछ आईपी एड्रेस और कुछ संदिग्ध लोग भी चिह्नित किए हैं। उनकी तलाश की जा रही है।

एजेंसी ने सौंपे आरोपियों के मोबाइल नंबर

परीक्षा कराने वाली एजेंसी ने चारों आरोपियों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को सौंपे हैं। आशंका जताई है कि इन नंबरों की कॉल डिटेल के जरिए परीक्षा में धांधली कराने वाले गिरोह तक पहुंचा जा सकता है।

दरोगा भर्ती की परीक्षा में गड़बड़ी करने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं। इस मामले में शामिल दूसरे आरोपियों की तलाश के लिए जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। – रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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