अस्पताल में बत्ती गुल, वार्ड से बाहर आए मरीज

बाराबंकी। भीषण गर्मी के दौरान हुई बिजली कटौती से जिला अस्पताल में हड़कंप मचा रहा। कुछ देर चलने के बाद जेनरेटर भी बंद कर दिया गया। चार घंटे तक मरीज व तीमारदार पसीना-पसीना हो गए। जिन लोगों का ऑपरेशन हुआ था वे मरीज ज्यादा ही बेहाल थे। कई तो निकलकर बाहर आ गए। जो नहीं चल पाने लायक थे उन्हें स्ट्रेचर से बाहर लाया गया। देर शाम सीएमएस ने भी भ्रमण करके व्यवस्था परखी।

सोमवार को जिला अस्पताल में तीन घंटे से लाइट न आने की सूचना मिली। इसे लेकर जब हमारी टीम जिला अस्पताल पहुंची तो सूचना पक्की निकली। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के वार्डों में पिछले तीन घंटे से अंधेरा मिला। लोगों ने बताया कि बिजली करीब तीन घंटे से नहीं है। जेनरेटर भी बंद कर दिया गया। मरीज गर्मी से परेशान थे और अपने हाथों में पंखा लेकर हवा कर रहे थे।
मरीजों ने बताया कि अगर जेनरेटर चला दिया जाय तो कुछ भला होता। इस बिल्डिंग के ऊपर के वार्ड दिन में ज्यादा गर्म रहते हैं। पंखे बहुत धीमी गति से चलते हैं। इससे उनका चलना न चलना बेकार है। लोगों ने बताया कि लाइट जाने के बाद कुछ देेर जेनरेटर चला और फिर वह भी बंद हो गया। चल फिर सकने वाले कई मरीज गर्मी के कारण वार्ड के बाहर निकल आए।
यहां मिले पवन कुमार ने बताया कि बिजली करीब तीन घंटे से नहीं है। अजय कुमार ने बताया कि जेनरेटर भी बंद कर दिया गया है। गर्मी से सभी का बुरा हाल है। कुछ लोगों ने बताया कि वार्ड के रास्ते पर कुत्ते मौजूद रहते हैं। शाम करीब साढ़े पांच बजे सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर हाल लिया। उन्होंने बताया कि आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
70 लीटर मिलता है, खर्च हो गया…
जेनरेटर न चलने को लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ब्रजेश कुमार ने बताया कि फीडर ठीक करने का काम चल रहा था। उन्होंने कहा कि 70 लीटर डीजल मिलता है वह खर्च हो चुका है। हालांकि उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर जेनरेटर चालू करवाया।
एक ट्रांसफार्मर के सहारे 80 गांव, दूसरा बना शोपीस
सिद्धौर। विद्युत उपकेंद्र कोठी पर साल भर पहले भेजा गया 5 एमवी का विद्युत ट्रांसफार्मर महज शोपीस बना है। मात्र एक ट्रांसफार्मर से क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों में विद्युत सप्लाई दी जा रही है। इसके चलते लगातार बार-बार फॉल्ट की समस्या उत्पन्न हो रही है। इस समय बिजली उपभोक्ताओं को 8 से 9 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
विद्युत उपकेंद्र कोठी पर दो ट्रांसफार्मर लगाकर क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों को विद्युत सप्लाई देना था। लेकिन मात्र एक ट्रांसफार्मर से ही सप्लाई दी जा रही है। क्षेत्र में मात्र 8 से 9 घंटे ही विद्युत सप्लाई मिल पाती है। ज्यादा लोड होने के कारण अक्सर गड़बड़ी की समस्या रहती है।
इसके चलते विद्युत उपकेंद्र कोठी के कुछ गांवों को विद्युत उपकेंद्र देवीगंज से संचालित किया जा रहा है। जेई अजय कुमार वर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मर को चालू करने का मामला उच्च अधिकारियों की जानकारी में है। संवाद

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